@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, धमतरी। संविधान दिवस के अवसर पर कांग्रेस द्वारा आयोजित “संविधान बचाओ अभियान” सोमवार को धमतरी में तनाव की भेंट चढ़ गया। जिला कांग्रेस भवन में कार्यक्रम के दौरान अचानक पार्टी की अंदरूनी कलह सामने आ गई और वरिष्ठ नेता देवेंद्र आजमानी ने कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के सामने महापौर टिकट वितरण में कथित दलाली के आरोप लगाते हुए जिला अध्यक्ष शरद लोहाना को कटघरे में खड़ा कर दिया।

आरोप लगते ही सभागार में हंगामा शुरू हो गया। कार्यकर्ता दो हिस्सों में बंटकर नारेबाजी करने लगे। कुछ समर्थक बाहर तक आ गए, जहाँ तीखी झड़प की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा, इस तरह कांग्रेस पार्टी का कलह सार्वजनिक हो गया।
आजमानी का आरोप — “टिकट वितरण के नाम पर सौदा हुआ”
पूर्व जिला उपाध्यक्ष रहे देवेंद्र आजमानी ने कहा कि महापौर चुनाव के दौरान डमी प्रत्याशी न उतारने के बदले में दबे-छुपे सौदे किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि
“पार्टी संगठन में पारदर्शिता खत्म हो रही है, सवाल पूछने पर आवाज़ दबाने की कोशिश होती है।”
आजमानी के आरोपों पर समर्थकों की प्रतिक्रिया बेहद आक्रामक दिखाई दी। दो गुटों में एक दूसरे पर “दलाली बंद करो” के नारे गूंजते रहे।

लोहाना का पलटवार, कहा — ऐसे व्यक्ति अनुशासनहीन
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शरद लोहाना ने आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया। उन्होंने कहा —
“अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं। ऐसी बयानबाज़ी भाजपा को लाभ पहुँचाने का प्रयास है।”
लोहाना ने इसे पूर्वनियोजित व्यवधान बताते हुए कड़ा कदम उठाने के संकेत दिए।
तत्काल कार्रवाई — आजमानी को किया निष्कासित
हंगामे के तुरंत बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने अनुशासनात्मक बैठक कर बड़ा निर्णय लिया —
📌 देवेंद्र आजमानी को प्राथमिक सदस्यता सहित पार्टी से निष्कासित
संगठन ने इसे “पार्टी विरोधी गतिविधि” की श्रेणी में रखा है। निष्कासन आदेश जारी होते ही क्षेत्रीय सियासत गरमा गई है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बदनामी
घटना के दौरान मंच पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित प्रदेश एवं धमतरी जिले के दिग्गज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति के बावजूद कांग्रेस के भीतर का संघर्ष खुलकर सामने आ गया जिससे पार्टी पर प्रश्न चिह्न बन गया है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
- अब धमतरी की राजनीति में कई प्रश्न उठ रहे हैं—
- • क्या आजमानी के आरोपों की जांच होगी?
- • क्या कांग्रेस में गुटबाज़ी और गहरी है?
- • क्या निष्कासन से विवाद थमेगा या नया मोड़ लेगा?
निष्कर्ष
संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम, कांग्रेस के लिए अनुशासन बनाम असंतोष के टकराव का प्रतीक बन गया।
धमतरी की सियासत इस घटनाक्रम के बाद एक नए विवाद की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।








