संवाददाता तुकाराम कंसारी
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से भड़का जनरोष, पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुतकैया में बीते दिनों हुई सिलसिलेवार हिंसक घटनाओं ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है। गांव के युवकों पर पत्थर, लाठी-डंडों से किए गए जानलेवा हमलों के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया है। पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने पूर्व नियोजित तरीके से राह चलते युवकों को निशाना बनाया, जिसमें कई युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कुछ ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
ग्रामीणों के अनुसार, हमले बिना किसी उकसावे के किए गए और हमलावरों की मंशा गंभीर नुकसान पहुंचाने की थी। अलग-अलग स्थानों पर हुई इन घटनाओं ने गांव में भय का वातावरण पैदा कर दिया है।

ड्यूटी पर तैनात युवक पर प्राणघातक हमला
सूत्रों के मुताबिक, गांव के युवक अरविंद साहू, जो सब-स्टेशन में ऑपरेटर के रूप में ड्यूटी कर रहे थे, उन पर रात के समय सिर पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिजनों द्वारा तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर बताते हुए निरंतर निगरानी में रखा है।
बाइक सवार युवकों पर पत्थरबाजी
इसी तरह ललित साहू और कुलेश्वर साहू बाइक से जा रहे थे, तभी अरंड-धमनी मोड़ के पास उन पर अचानक पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस हमले में कुलेश्वर साहू के पेट के पास गंभीर चोट आई है। दोनों युवक किसी तरह धमनी की ओर भागकर जान बचाने में सफल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे समय रहते वहां से नहीं निकलते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
राजिम मेला जा रहे युवकों को भी नहीं बख्शा
एक अन्य घटना में नरेंद्र साहू, जो राजिम मेला जा रहे थे, उन पर भी हमला किया गया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई है। वहीं रेखु यादव की भुजा पर किए गए वार से हड्डी में फ्रैक्चर की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा परमानंद साहू को भी मारपीट में चोटें आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय रास्ते में दिख रहे युवकों पर अंधाधुंध हमला करने की कोशिश की गई।
पूर्व विवाद से जुड़ा मामला होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी युवक पूर्व में भी विवादों में शामिल रहा है। वर्ष 2024 में 1 मई को ग्राम दुतकैया के बाबा घाट स्थित शिवलिंग से तोड़फोड़ की घटना में भी उसका नाम सामने आया था, जिससे गांव में उस समय भी भारी तनाव उत्पन्न हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने विवाद की पृष्ठभूमि में ही वर्तमान हिंसा को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी नहीं होने से बढ़ा रोष
घटना के बाद से गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए साहू समाज के अध्यक्ष परमेश साहू, सचिव मदनलाल साहू, ग्राम विकास समिति दुतकैया के सचिव जितेंद्र यादव, पोखरा परिक्षेत्र के उपाध्यक्ष ललित साहू, तहसील साहू संघ के कोषाध्यक्ष दुर्गेश साहू सहित बजरंग दल दुतकैया के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो गांव की शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है।
पुलिस का दावा – जांच जारी
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटनास्थलों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल दुतकैया गांव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शीघ्र कार्रवाई से गांव में फिर से शांति बहाल होगी।








