संवाददाता तुकाराम कंसारी
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। छत्तीसगढ़ की पावन त्रिवेणी संगम स्थली राजिम में आयोजित होने वाले राजिम कुंभ कल्प मेले 2026 के विधिवत शुभारंभ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। माघ पूर्णिमा 1 फरवरी से आरंभ होने वाला यह भव्य धार्मिक आयोजन 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। 10 फरवरी से संत समागम तथा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शाही स्नान के साथ मेले का समापन होगा।

मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल गुरुवार को राजिम पहुंचे। उन्होंने मेला स्थल का पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला कलेक्टर भगवान सिंह उइके, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम विशाल महाराणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री ने साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री
मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेले के शुभारंभ से पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने पर भी विशेष फोकस है। बीते वर्ष की तुलना में इस बार मेला और अधिक भव्य व सुव्यवस्थित होगा।”
नदी क्षेत्र में मुरुम डालने पर मंत्री का स्पष्टीकरण
निरीक्षण के दौरान नदी क्षेत्र में मुरुम डाले जाने को लेकर उठे सवालों पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चयनित स्थानों पर अस्थायी मार्ग निर्माण के लिए मुरुम का उपयोग किया जा रहा है।”
उन्होंने अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि समय-सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी की जाएं।
1 से 15 फरवरी तक मांस-मछली व मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
मंत्री ने विद्युत विभाग को मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, परिवहन विभाग को रात्रिकालीन बस संचालन सुचारू रखने तथा स्वास्थ्य विभाग को मौके पर त्वरित एवं पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम नगरी एवं आसपास के क्षेत्रों में मांस, मछली और मदिरा की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन एवं पुलिस विभाग को लगातार सड़क गश्त, यातायात व्यवस्था पर कड़ी निगरानी तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फ्लैक्स बोर्ड एवं रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया।
प्रशासन ने साफ किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेले के शुभारंभ में अब केवल एक दिन शेष है और प्रशासनिक अमला हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
राजिम कुंभ कल्प मेला को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह का माहौल है और इस वर्ष मेले के भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।








