पाटन । क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को बाधित करने का मामला सामने आया है। ग्राम बेलौदी स्थित बेलौदी माइनर के गेट को बार-बार बंद किए जाने से आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे किसानों की फसलों पर संकट मंडराने लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग ने जामगांव (आर) थाने में शिकायत सौंपकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
सिंचाई के समय गेट बंद करने का आरोप
जल संसाधन विभाग की ओर से 17 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी, जामगांव (आर) को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, बेलौदी माइनर के गेट को बार-बार बंद किया जा रहा है। इसके कारण ग्राम बोरिद के किसानों को खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। विभाग का कहना है कि धान की फसल के लिए इस समय पानी की आवश्यकता है। ऐसे में सिंचाई बाधित होने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
समझाइश के बाद भी नहीं निकला समाधान
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 16 अक्टूबर 2026 को जल संसाधन विभाग के कार्यालयीन अभियंता के साथ चर्चा के बाद किसानों की फसलों को संभावित नुकसान से बचाने और सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माइनर के गेट को खोलने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद गेट बंद किए जाने की शिकायत सामने आई।
विभाग के अनुसार, इस संबंध में संबंधित व्यक्ति को समझाइश देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने में परेशानी हो रही है।
किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका
धान की फसल के इस महत्वपूर्ण समय में सिंचाई बाधित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि समय पर पानी उपलब्ध नहीं हुआ, तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जल संसाधन विभाग ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच करने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि माइनर के गेट के संचालन में अनधिकृत हस्तक्षेप रोका जा सके और किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।








