दूर-दराज से पहुंच रहे लोग, नाबालिगों के भी आने की शिकायत; ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, कुरूद। ग्राम नारी के बस स्टैंड से कुछ दूरी पर संचालित गौरीशंकर मेडिकल स्टोर्स को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां ऐसी दवाइयां कथित रूप से बड़ी मात्रा में बेची जा रही हैं, जिनका नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दवाइयों को लेने के लिए नारी सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह है कि नाबालिग बच्चे और किशोर भी कथित रूप से नशीली दवाइयां लेने मेडिकल स्टोर तक पहुंच रहे हैं। इससे अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
नाबालिगों तक नशीली दवाओं की पहुंच चिंता का विषय
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नशीली दवाओं की बिक्री बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे या नियमों के विपरीत हो रही है तो यह युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। लोगों ने प्रशासन से यह भी जांच कराने की मांग की है कि मेडिकल स्टोर पर कौन-कौन सी दवाइयां बेची जा रही हैं और उनकी बिक्री किस आधार पर की जा रही है।
स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की हो जांच
स्थानीय लोगों ने औषधि प्रशासन और पुलिस विभाग से तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल स्टोर के दवा स्टॉक, खरीद-बिक्री रजिस्टर, बिल-वाउचर, चिकित्सकीय पर्चियों तथा संदिग्ध दवाइयों की बिक्री की जांच की जाए। आवश्यकता होने पर दवाओं के नमूने लेकर उनकी भी जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का सवाल—इतनी आवाजाही पर नजर क्यों नहीं?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत के मुताबिक दूर-दराज से लोग कथित रूप से नशीली दवाइयां लेने पहुंच रहे हैं और इनमें नाबालिग भी शामिल हैं, तो यह केवल स्वास्थ्य का मामला नहीं बल्कि गांव के सामाजिक वातावरण और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गौरीशंकर मेडिकल स्टोर्स की निष्पक्ष एवं अचानक जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।








