संवाददाता तुकाराम कंसारी
प्रेम के गुड़ से बने लड्डू तिल रूपी हिंदुओं को एक करते हैं : गोपाल यादव
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, नवापारा राजिम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नवापारा द्वारा हरिहर हाई स्कूल मैदान में मकर संक्रांति उत्सव का भव्य एवं अनुशासित आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक गीत “श्रद्धामय विश्वास बढ़ाकर सामाजिक सद्भाव जगाएँ” के साथ हुआ। इसके पश्चात विश्ववंदनीय भारत माता, संघ संस्थापक परम पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी एवं द्वितीय सरसंघचालक पूज्य श्री गुरुजी के छायाचित्र पर तिलक-वंदन एवं दीप प्रज्वलन किया गया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत एवं परिचय उपरांत वैचारिक उद्बोधन की श्रृंखला आरंभ हुई।
संघ शताब्दी वर्ष में राष्ट्र निर्माण का कार्य : गोपाल यादव
मुख्य वक्ता गोपाल यादव (सह प्रांत कार्यवाह) ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विगत एक सौ वर्षों से निस्वार्थ भाव से व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के कार्य में संलग्न है।
उन्होंने कहा, “संघ शाखा के माध्यम से संस्कार, अनुशासन, समरसता और सेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करता है। आपदा हो, सामाजिक चुनौती हो, सीमा की रक्षा हो या बस्ती का संकट—संघ का स्वयंसेवक कर्तव्य भाव से सबसे पहले खड़ा होता है।”
उन्होंने मकर संक्रांति के प्रतीकात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “प्रेम के गुड़ से बने लड्डू तिल रूपी हिंदुओं को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।”
मकर संक्रांति जीवन की दिशा बदलने का पर्व : कैलाश साहू
एकल गीत एवं अमृत वचन के पश्चात नगर सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख श्री कैलाश साहू ने कहा कि मकर संक्रांति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक है। यह पर्व भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं वैदिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण होना अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और आलस्य से पुरुषार्थ की ओर बढ़ने का संदेश देता है। यह पर्व हमें प्रेरणा देता है कि हम भी अपने जीवन में बुराइयों का त्याग कर सद्गुणों को अपनाएं।”
सांस्कृतिक हीनता से समाज को बाहर निकाला : डॉ. के. आर. सिन्हा
नगर सह संघचालक डॉ. के. आर. सिन्हा ने कहा कि लगभग आठ सौ वर्षों की विदेशी सत्ता और औपनिवेशिक शासन ने भारत को केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक रूप से भी प्रभावित किया।
उन्होंने कहा, “हमारी भाषा, इतिहास और परंपराओं को हीन दिखाने का प्रयास हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने संगठन के माध्यम से हिंदू समाज को इस हीन भावना से बाहर निकालकर आत्मविश्वास से भरने का कार्य किया है।”
उन्होंने मकर संक्रांति पर संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हम संस्कारवान नागरिक, समरस समाज और सशक्त भारत के निर्माण हेतु अपने जीवन को समर्पित करें।
सफल आयोजन में रहा स्वयंसेवकों का योगदान
अतिथियों का परिचय प्रदीप मिश्रा (सह नगर कार्यवाह) द्वारा कराया गया। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र साहू ने किया, जबकि एकल गीत धरम साहू ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पोखराज साहू, योगेश यादव, एडिशन मालाकार, सोहेंद्र साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी, परदेशी साहू, रविशंकर साहू, पवन सोनकर, शिव तिवारी, चंद्रहास देवांगन, संजय वंडलकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं नगरवासी उपस्थित रहे।








