संवाददाता तुकाराम कंसारी
पंडित सुंदरलाल शर्मा जयंती पर साहित्य का भव्य उत्सव, विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष होंगे शामिल
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सामाजिक जागरण के पुरोधा पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती के अवसर पर 21 दिसंबर, रविवार को राजिम में राज्य स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन त्रिवेणी संगम साहित्य समिति, राजिम नवापारा (जिला गरियाबंद) के तत्वावधान में साहू समाज छात्रावास भवन, राजिम में बड़े ही गरिमामय वातावरण में संपन्न होगा।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रातः 10 बजे नगर के हृदय स्थल स्थित पंडित सुंदरलाल शर्मा जी की प्रतिमा पर अतिथियों, समिति पदाधिकारियों, साहित्यकारों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा माल्यार्पण किया जाएगा। इसके पश्चात साहू समाज छात्रावास भवन में काव्य पाठ कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। ठीक 11 बजे से राज्य स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता प्रारंभ होगी।
इस साहित्यिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, बलौदाबाजार, मनेंद्रगढ़, बेमेतरा, रायपुर एवं बालोद जिलों के साथ ही जोधपुर (राजस्थान) और नागपुर (महाराष्ट्र) से भी साहित्यकार प्रतिभागी के रूप में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं सभी प्रतिभागी साहित्यकारों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित साहू होंगे, जबकि अध्यक्षता डॉ. अभिलाषा बेहार, सचिव, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग (छ.ग. शासन) करेंगी।
विशेष अतिथि के रूप में गौरी शंकर कश्यप, अध्यक्ष जिला पंचायत गरियाबंद उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में महेश यादव अध्यक्ष नगर पंचायत राजिम, लाला राम साहू अध्यक्ष राजिम भक्तिन मंदिर समिति, नूतन साहू वरिष्ठ साहित्यकार पांडुका एवं मकसुदन राम साहू ‘बरीवाला’, अध्यक्ष त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम नवापारा मंचासीन रहेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात शिक्षक एवं साहित्यकार श्रवण कुमार साहू ‘प्रखर’ होंगे, जबकि संचालन राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक किशोर कुमार निर्मलकर करेंगे।
कार्यक्रम को लेकर जारी प्रेस विज्ञप्ति में रोहित साहू, माधुर्य एवं नरेंद्र पार्थ ने बताया कि आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। उन्होंने क्षेत्र के अधिक से अधिक काव्य प्रेमियों और साहित्य अनुरागियों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर काव्य रस का आनंद लेने की अपील की है।








