ग्वालियर से धराया हिस्ट्रीशीटर, रायपुर लाने की तैयारी — भाई रोहित अब भी फरार
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन रायपुर/ ग्वालियर।
गिरफ्तारी की बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ के चर्चित सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग गिरोह से जुड़ा कुख्यात आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह आखिरकार ग्वालियर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
उसका भाई रोहित तोमर अब भी फरार है।
दोनों जून से पुलिस की पकड़ से बाहर थे और रायपुर पुलिस ने ₹5,000 का इनाम घोषित किया था।
🔹 संयुक्त ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी
ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय सूचना के आधार पर छापा मारकर वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी की पुष्टि रायपुर पुलिस ने भी की है।
अब आरोपी को रायपुर लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
पुलिस को उम्मीद है कि वीरेंद्र से पूछताछ में रोहित तोमर के ठिकाने का भी खुलासा हो सकेगा।
🔹 तोमर बंधुओं की जमानत याचिका हुई थी खारिज
हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोनों भाइयों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
अदालत ने माना कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड हैं, इसलिए गिरफ्तारी आवश्यक है।
- सरकारी वकील ने कोर्ट में बताया था कि दोनों पर करीब 16 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें –
- सूदखोरी
- धमकी और ब्लैकमेलिंग
- जबरन वसूली
- आर्म्स एक्ट के तहत हथियार रखने के मामले शामिल हैं।
🔹 पुलिस को मिले थे चौंकाने वाले सबूत
छापेमारी के दौरान पुलिस को तोमर बंधुओं के ठिकानों से –
- ब्लैंक चेकबुक,
- बिना लाइसेंस हथियार,
- कारतूस और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे।
- आरोप है कि दोनों भाई बिना लाइसेंस सूदखोरी कर रहे थे और ब्याज न चुकाने वालों को धमकाकर ब्लैकमेल करते थे।
🔹 पहले से कई गिरफ्तारियां
अब तक तोमर परिवार की एक बहू, भतीजा दिव्यांश, दो वकील और दो कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं।
रायपुर के पुरानी बस्ती और तेलीबांधा थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं।
अदालत ने 18 जुलाई को दोनों भाइयों को पेश होने का अंतिम मौका दिया था, पर वे हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद उन्हें फरार घोषित कर दिया गया।
🔹 रायपुर पुलिस के लिए राहत की खबर
ग्वालियर से हुई यह गिरफ्तारी रायपुर पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि वीरेंद्र की गिरफ्तारी से पूरे सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश संभव है। अब पुलिस की निगाहें उसके भाई रोहित तोमर की गिरफ्तारी पर टिक गई हैं।








