@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, रायपुर।
छत्तीसगढ़ की स्थापना के रजत महोत्सव वर्ष में राज्य ने इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। लगभग 273 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह भव्य परिसर अब विकसित भारत 2047 के संकल्प की नई आधारशिला बन गया है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा —
“छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा केवल समय की गिनती नहीं, बल्कि परिवर्तन, परिश्रम और प्रगति का प्रतीक है। यह राज्य विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।”

विरासत और विकास का संगम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “नया विधानसभा भवन भारत की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें परंपरा और प्रगति दोनों साथ चलते हैं।” उन्होंने कहा कि जैसे संसद भवन में ‘सेंगोल’ हमारी लोकतांत्रिक विरासत का प्रतीक बना, वैसे ही छत्तीसगढ़ का यह नया भवन राज्य की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है।उन्होंने इस अवसर पर अपनी मां के नाम एक पेड़ रोपित किया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिभा का अनावरण किया

इस अवसर पर श्रीमोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा का अनावरण करते कहा —
“अटल जी की प्रेरणा से ही छत्तीसगढ़ का निर्माण हुआ। आज यह राज्य आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, यह उनके सपनों का विस्तार है।”
छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और प्रेरणा
प्रचानमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक कार्यकर्ता के रूप में यहां का जनजीवन, संघर्ष और संवेदना को करीब से देखा।उन्होंने संविधान सभा में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधित्व को याद करते हुए रवि शंकर शुक्ल, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल, घनश्याम सिंह गुप्त, किशोरी मोहन त्रिपाठी, रामप्रसाद पुताई और रघुराज सिंह जैसे महान विभूतियों को श्रद्धांजलि दी।
> “इन विभूतियों ने पिछड़े इलाकों से दिल्ली तक पहुंचकर बाबा साहेब के साथ संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ की आत्मा संविधान के हर शब्द में बसती है।”
माओवाद से विकासवाद की ओर यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “कभी छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से ग्रस्त राज्य के रूप में जाना जाता था, आज वही राज्य ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है।”उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह परिवर्तन जनता के परिश्रम और भाजपा सरकारों के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है।
“आज बस्तर और सरगुजा से प्रेरणा मिल रही है कि समाज और शासन मिलकर परिवर्तन ला सकते हैं।”
विकसित भारत @ 2047 : छत्तीसगढ़ की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका सबसे मजबूत स्तंभों में होगी।
उन्होंने कहा —
“हर विधायक, हर निर्णय, हर नीति का लक्ष्य एक ही होना चाहिए – ‘छत्तीसगढ़ विकसित, भारत का निर्माण’। विधानसभा की श्रेष्ठता उसकी भव्यता से नहीं, बल्कि यहां लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से तय होगी।”
जनकल्याण ही सर्वोच्च लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विधानसभा केवल कानून निर्माण का स्थल नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं का केंद्र है।
“हर विधायक अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखे। किसान, युवा, नारी शक्ति और अंत्योदय – यही जनसेवा की सच्ची कसौटी है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह भवन लोकतंत्र की नई ऊर्जा का प्रतीक बनेगा।








