संवाददाता तुकाराम कंसारी
देखना होगा कि क्या 18 सितंबर को मुख्यमंत्री के सामने यह मांग मजबूती से रखी जाएगी या फिर पुराने वादों की तरह इसे टाल दिया जाएगा।
@छत्तीसगढ़ लोकदर्शन, राजिम। राजिम और नवापारा क्षेत्र के लिए यह गौरव का क्षण है कि राजधानी से रेल सेवा मिलने जा रही है। आगामी 18 सितंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, नेता और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।
रेल सेवा की शुरुआत से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। लोगों ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है कि अब राजधानी से सीधा संपर्क मिलेगा। इससे न केवल व्यापार और शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं को रोजगार और नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
हालाँकि, इस उत्सव के साथ एक सवाल हर घर और हर चर्चा में गूंज रहा है—क्या जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के सामने राजिम और नवापारा को जिला बनाने की मांग रखेंगे?
राजिम क्षेत्र में वर्षों से इस मांग को लेकर आवाज उठती रही है। बताया जाता है कि 32 वर्षों से यह मांग निरंतर चल रही है। अविभाजित मध्यप्रदेश में जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब संत कवि पवन दीवान ने खुद भोपाल जाकर राजिम को जिला बनाने की मांग की थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद भी उनका संघर्ष जारी रहा। पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विश्वास दिलाया था कि नए जिलों के गठन में राजिम और नवापारा को शामिल किया जाएगा। उस समय छत्तीसगढ़ में केवल 16 जिले थे, जो आज बढ़कर 33 जिले हो चुके हैं, लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है।
2021-22 में राजिम रेस्ट हाउस में सर्वदलीय बैठक आयोजित हुई थी। भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, अधिवक्ता संघ, पत्रकार, व्यापारी संघ, आम नागरिकों सहित अनेक संगठनों ने भाग लिया। प्रदेश के प्रथम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अमितेश शुक्ल, पूर्व सांसद एवं वर्तमान गृह विकास निगम अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य रहे और वर्तमान विधायक रोहित साहू सहित कई नेताओं ने राजिम को जिला बनाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग रखने का संकल्प लिया था। लेकिन आज तक उस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
क्षेत्र के नागरिकों में सवाल है कि यदि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय राजिम को जिला बनाने का वादा कर चुनाव जीत सकते हैं, तो अब मुख्यमंत्री के सामने इसे लेकर आवाज क्यों नहीं उठ रही? यह मुद्दा वर्तमान में पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आम जनता की उम्मीदें और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के बीच आगामी कार्यक्रम पर सबकी निगाहें टिकी हैं।








